धावकों के कदमों से धुल जाएंगे अबूझमाड़ की धरती पर लगे खून के धब्बे; साय सरकार की शानदार पहल – महेश कश्यप

० अबूझमाड़ में हाफ मेराथन का आयोजन कल
०  हिंसा का शिकार रहा अबूझमाड़ अब धावकों के कदमों से गूंजेगा: सांसद महेश कश्यप 
(अर्जुन झा)जगदलपुर। जो धरती कभी अक्सर लहूलुहान नजर आती थी, आएदिन जहां नक्सली खून खराबा किया करते थे, उस अबूझमाड़ की धरती पर अब अमन की बयार बहने लगी है।अबूझमाड़ के दामन पर नक्सलियों द्वारा लगाए गए खून के धब्बों को युवाओं के कदम धोएंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार ने इस दिशा में शानदार पहल की है।
बस्तर के युवा आदिवासी सांसद महेश कश्यप ने बताया कि बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले में अबूझमाड़ महोत्सव के तहत 2 मार्च को मैराथन दौड़ का आयोजन किया जा रहा है। इसे लेकर बस्तर सांसद ने हर्ष जताते हुए मैराथन दौड़ के प्रतिभागियों को शुभकामनाएं हैं। सांसद श्री कश्यप ने कहा कि नक्सल खतरे की काली छाया से बाहर आकर, छत्तीसगढ़ का सबसे बुरी तरह नक्सल उग्रवाद प्रभावित नारायणपुर जिला का अबूझमाड़ शांति हाफ मैराथन की मेजबानी के लिए लोकप्रियता हासिल कर रहा है। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में इस वर्ष भी अबूझमाड़ महोत्सव के तहत दो मार्च को अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन का भव्य आयोजन होगा। हाफ मैराथन का शुभारंभ सुबह साढ़े पांच बजे से हाईस्कूल ग्राउंड नारायणपुर में होगा। इसका आयोजन छत्तीसगढ़ शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग, जिला प्रशासन, जिला पुलिस बल नारायणपुर और अन्य संस्थानों के सहयोग से किया जा रहा है।

श्री कश्यप ने कहा कि अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति और शांति का संदेश देने का भी माध्यम है। बस्तर सांसद महेश कश्यप ने इस भव्य आयोजन हेतु प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार और सुरक्षा बलों के निरंतर प्रयासों से नारायणपुर में शांति लौट रही है और विकास कार्य दिखने लगे हैं। साथ ही खेल गतिविधियों को भी पहचान मिल रही है।नक्सलवाद से निपटने के लिए चल रहे प्रयासों के तहत नारायणपुर जिला प्रशासन और जिला पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से 2 मार्च को अबूझमाड़ शांति हाफ मैराथन का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन सिर्फ़ एक मैराथन नहीं है, बल्कि यह इस क्षेत्र की प्रगति और उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक है। यह मैराथन शांति, एकता और विकास का संदेश देगी, जिसका उद्देश्य अबूझमाड़ को उसके पिछले संघर्षों के ज़रिए नहीं बल्कि खेलों और चैंपियनों की भूमि के रूप में फिर से परिभाषित करना है। इस आदिवासी बहुल जिले के युवाओं में खेल प्रतिभा की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन नक्सली खतरे के कारण उन्हें अवसर नहीं मिल पाते। छत्तीसगढ़ सरकार और जिला प्रशासन ने इस क्षेत्र को मुख्यधारा से जोड़ने और स्थानीय युवाओं की क्षमता को निखारने के लिए कई पहल की हैं और अभी भी की रही है। हाल ही में बस्तर ओलंपिक में अबूझमाड़ के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया था। इसी लय को आगे बढ़ाते हुए हाफ मैराथन युवा प्रतिभाओं को नया मंच देने जा रही है। कभी हिंसा और संघर्ष के लिए जाना जाने वाला अबूझमाड़ अब धावकों के कदमों से गूंजेगा।

21 किमी की होगी दौड़

सांसद श्री कश्यप ने जानकारी दी कि 21 किलोमीटर की मैराथन दौड़ का मार्ग नारायणपुर हाई स्कूल ग्राउंड से शुरू होकर ओरछा ब्लॉक के बासिंग गांव में समाप्त होगा। प्रतिभागी घने जंगलों और पहाड़ी रास्तों से होकर दौड़ेंगे। इससे मैराथन न केवल शारीरिक सहनशक्ति की परीक्षा होगी, बल्कि प्रकृति की चुनौतियों और सुंदरता का अनुभव करने का अवसर भी मिलेगा। श्री कश्यप ने बताया कि अब तक 8 हजार से ज़्यादा धावक ऑनलाइन पंजीयन करा चुके हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। स्थानीय युवाओं, सुरक्षा बलों और आम जनता में इस आयोजन को लेकर उत्साह साफ़ देखा जा सकता है।

भाग लेंगे देश-विदेश के धावक

सांसद महेश कश्यप ने आगे बताया कि इस प्रतिष्ठित मैराथन में राज्य, देश और विदेश के लगभग 16 हजार धावक हिस्सा लेंगे मैराथन में विजेताओं को कुल 15 लाख 84 हजार रुपये से अधिक की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। विभिन्न श्रेणियों में आयोजित होने वाली हाफ मैराथन के विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा। इस आयोजन हेतु श्री कश्यप ने छत्तीसगढ़ सरकार के मुखिया विष्णु देव साय सहित उनके मंत्रिमंडल, जिला प्रशासन को धन्यवाद ज्ञापित करता है और आयोजन में शामिल हो रहे सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं प्रेषित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

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