रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के घर के बाहर पुलिस की निगरानी का मामला सदन तक पहुंच गया। कांग्रेस विधायकों ने इसे लोकतंत्र पर हमला करार देते हुए सरकार पर विपक्षी नेताओं की जासूसी कराने का आरोप लगाया। इसके बाद सत्र शुरू होते ही कांग्रेस ने इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग की।
जैसे ही विधानसभा सत्र की शुरुआत हुई, कांग्रेस विधायकों ने दीपक बैज के घर के बाहर पुलिसकर्मियों की निगरानी का मामला उठाया और सरकार से जवाब मांगा। विपक्ष ने इस पर तात्कालिक चर्चा कराने की मांग की, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने इसे प्रश्नकाल के बाद चर्चा के लिए रखा। इस पर विपक्षी विधायक उग्र हो गए और सदन में हंगामा मच गया।
दीपक बैज ने आरोप लगाया कि दंतेवाड़ा पुलिस पिछले 24 घंटे से उनके घर की निगरानी कर रही थी, जिसे उन्होंने सरकार की दबाव बनाने की साजिश बताया। हालांकि, दंतेवाड़ा पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वे कांग्रेस के नेता अवधेश गौतम की तलाश में रायपुर आए थे और किसी भी प्रकार की जासूसी के आरोप निराधार हैं।
इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा सरकार पर कड़ा हमला करते हुए ट्वीट किया, “भाजपा सरकार को किस बात का डर सता रहा है कि विपक्षी नेताओं की जासूसी करवा रही है? यह लोकतंत्र के प्रति भाजपा के अविश्वास का स्पष्ट उदाहरण है।”
वहीं, भाजपा के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने कांग्रेस के आरोपों को नकारते हुए कहा, “दीपक बैज अपने नाम को खबरों में बनाए रखने के लिए इस तरह के निराधार आरोप लगा रहे हैं। कांग्रेस खुद लोकतंत्र के लिए खतरा है, जहां एक परिवार पूरी पार्टी चला रहा है।”